Jun 30, 2017

टमाटर हो गया, देखो मालामाल

मारा मारा जो फिरा,  गलियों में बेहाल
वही टमाटर हो गया, देखो मालामाल ।।
सड़कों पर फैंका गया ,जैसे कोई अनाथ 
नहीं टमाटर आ रहा ,आज किसी  के हाॅथ ।।
भाव टमाटर का हुआ ,अब अस्सी के पार 
अच्छे अच्छे देखकर,टपका रहे हैं लार ।।
विना टमाटर के नहीं,अच्छी लगे सलाद  
भोजन का बेकार सब ,विना टमाटर स्वाद ।।
विना टमाटर के लगे ,घर का फ्रिज बेकार 
जैसे साली के विना ,लगती है ससुरार ।।
एक टमाटर सूॅघ कर ,दिल भर लेते आज 
विना टमाटर रो रही ,फुसक फुसक कर प्याज ।।
जब सड़ते थे टमाटर ,तब ना समझा मोल 
आज टमाटर हो गया ,साब किचिन से गोल।।
आनंदित हों आप सब ,देख टमाटर लाल 
विना टमाटर खाईये ,अब अरहर की दाल।।

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