Mar 6, 2017

होली की बहार हैं

आई आई देखो होली की बहार हैं
होली का आलम हैं फागुन का मोसम हैं
दो दिलो का संगम है धड़कन में सरगम हैं
उड़े रे उड़े  देखो रंगों की फुआर हैं

मैं आ गया  होली में तुम भी हो टोली में
मैं भी हु टोली में रंग पड़ेगा होली में

गोरा बदन रंगों में सुन्दर लगेगा
गोरे बदन का सुन्दर मंजर लगेगा

रंग लगाने निकले हैं देखो प्रेम दीवाने गली गली
कोई भंग पिया कोई ठंढा दिल में प्यार  की जोत जली

नहीं आज किसी को छोड़ो होली का हें मोसम
रंग जो भी मिले लगा तो हें खुशियों का आलम

बच्चा हो या बुढा सबको होली का सरुर हें
गोरे गोरे गालो पे हसीनो को गरूर हें

बड़ा ही रंगीला यारो होली का ये त्यौहार हैं
प्यार और प्रेम का दीवाना विजय प्रताप हैं
आई आई देखो होली की बहार हैं
उड़े रे उड़े  देखो रंगों की फुआर हैं

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